Meaning of

साक़ी-ए-मस्त-नज़र

saaqi-e-mast-nazar • ساقی مست نظر

साक़ी की मस्त नज़र

intoxicated gaze of the cupbearer

ساقی کی مست نظر

Persian

साक़ी-ए-मस्त-नज़र का वाक्यांश एक ऐसे साक़ी की छवि प्रस्तुत करता है जिसकी नज़र में एक मोहक मस्ती भरी होती है। यह नज़र केवल शारीरिक नहीं है बल्कि एक गहरी, लगभग रहस्यमय आकर्षण का संकेत देती है। कविता में, यह सुंदरता की मोहक शक्ति और अज्ञात के आकर्षण का प्रतीक है।

कवि अक्सर 'साक़ी-ए-मस्त-नज़र' का उपयोग सुंदरता के आकर्षण और प्रेम के नशे को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह प्रिय की नज़र के मोहक प्रभाव के लिए एक रूपक है, जो आनंदमय समर्पण की स्थिति की ओर ले जा सकता है।

'साक़ी-ए-मस्त-नज़र' हमें एक ऐसी नज़र की मोहक शक्ति की याद दिलाता है जो साधारण से परे जा सकती है और गहन भावनात्मक अनुभवों की ओर ले जा सकती है।