Meaning of
साक़ी-ए-सर-मस्त
saaqi-e-sar-mast • ساقی سر مست
Hindi
मस्त प्याला परोसने वाला; मदहोश शराब परोसने वाला
English
intoxicated cupbearer; enraptured server of wine
Urdu
مست جام پیش کرنے والا; مدہوش شراب پیش کرنے والا
Origin
Persian
Nuance
साक़ी-ए-सर-मस्त एक ऐसे प्याला परोसने वाले की छवि प्रस्तुत करता है जो परोसी जाने वाली शराब से इतना मदहोश है कि वह स्वयं जश्न का हिस्सा बन जाता है। कविता में, यह आकृति भोग की मोहकता और परोसने वाले और परोसे जाने वाले के बीच की रेखाओं के धुंधलाने का प्रतीक है।
Poetic Usage
कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग भोग और परमानंद के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह देने के कार्य में स्वयं को खोने के विचार का भी प्रतिनिधित्व कर सकता है, जहाँ देने वाला उतना ही मदहोश हो जाता है जितना कि प्राप्त करने वाला।
Closing Insight
साक़ी-ए-सर-मस्त देने वाले और प्राप्त करने वाले के बीच के मादक नृत्य को पकड़ता है, साझा परमानंद का उत्सव।