Meaning of
साज़-ए-बज़्म
saaz-e-bazm • ساز بزم
Hindi
सभा का साधन; सामाजिक समरसता
English
instrument of gathering; social harmony
Urdu
محفل کا ساز; سماجی ہم آہنگی
Origin
Persian
Nuance
'साज़-ए-बज़्म' वाक्यांश संगीत और सभा के सामंजस्यपूर्ण मिश्रण को दर्शाता है, जहाँ प्रत्येक स्वर सामूहिक आनंद में योगदान देता है। कविता में, यह एकता और साझा क्षणों की सुंदरता का प्रतीक है।
Poetic Usage
कवि 'साज़-ए-बज़्म' का उपयोग सामाजिक सभाओं के सामंजस्य को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह अक्सर एकांत के विपरीत होता है, एकजुटता की खुशी को उजागर करता है।
Closing Insight
कविता के सिम्फनी में, 'साज़-ए-बज़्म' वह धुन है जो दिलों को एक साथ बांधती है।