Meaning of

सफ़-ए-लाला-रुख़ाँ

saf-e-laala-rukhan • صف لالہ رخاں

लालारुखों की पंक्ति; सुंदर लोगों की सभा

row of tulip-faced ones; assembly of beautiful people

لالہ رخوں کی صف; خوبصورت لوگوں کی محفل

Persian

'सफ़-ए-लाला-रुख़ाँ' एक पंक्ति या सभा की छवि प्रस्तुत करता है, जिनके चेहरे लालारुख जैसे होते हैं, जो सुंदरता और गरिमा का प्रतीक है। कविता में, यह अक्सर मोहक और आकर्षक लोगों की सभाओं का प्रतिनिधित्व करता है, जो सौंदर्य की प्रशंसा के सार को पकड़ता है।

कवि 'सफ़-ए-लाला-रुख़ाँ' का उपयोग सुंदरता और शालीनता के दृश्यों को चित्रित करने के लिए करते हैं। इसका उपयोग अक्सर उन सभाओं का वर्णन करने के लिए किया जाता है जहाँ आकर्षण और मोहकता प्रचुर मात्रा में होती है।

कविता में, 'सफ़-ए-लाला-रुख़ाँ' सुंदरता का उत्सव है, जो शालीनता और आकर्षण से भरी सभाओं के आकर्षण को पकड़ता है।