Meaning of

सज्दा-ए-जानाँ

sajda-e-jaanaan • سجدہ جاناں

प्रियतम के प्रति साष्टांग प्रणाम; भक्ति; समर्पण

prostration of the beloved; devotion; surrender

محبوب کے سامنے سجدہ; عقیدت; سپردگی

Persian

सज्दा-ए-जानाँ का भाव गहरी भक्ति और समर्पण को दर्शाता है। कविता में यह प्रियतम के प्रति अंतिम समर्पण का प्रतीक है, जहाँ प्रेमी को शांति और उद्देश्य मिलता है। झुकने की छवि विनम्रता और मिलन की तीव्र लालसा को दर्शाती है।

कवि अक्सर सज्दा-ए-जानाँ का उपयोग प्रेम और भक्ति की थीम को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह प्रेमी की प्रियतम के लिए सब कुछ त्यागने की इच्छा को दर्शाता है। यह शब्द आध्यात्मिक भक्ति को भी दर्शा सकता है, जहाँ प्रियतम दिव्य का रूपक है।

सज्दा-ए-जानाँ प्रेम की विनम्रता और भक्ति की पवित्रता का सार है। यह हृदय की गहरी लालसाओं का प्रमाण है।