Meaning of
सज्दा-ए-उल्फ़त
sajda-e-ulfat • سجدہ الفت
Hindi
प्रेम में साष्टांग; प्रेम में समर्पण
English
prostration of love; devotion in love
Urdu
محبت میں سجدہ; محبت میں عقیدت
Origin
Arabic
Nuance
सज्दा-ए-उल्फ़त का मूल भाव प्रेम में गहरी भक्ति और समर्पण की छवि प्रस्तुत करता है, जैसे प्रिय के समक्ष आत्मा का साष्टांग। कविता में, यह शब्द प्रेम की तीव्रता और पवित्रता को व्यक्त करने के लिए प्रयोग होता है, जहाँ प्रेमी पूर्ण समर्पण में झुकने को तैयार होता है।
Poetic Usage
कवियों द्वारा 'सज्दा-ए-उल्फ़त' का प्रयोग अक्सर प्रेम और भक्ति के अंतिम कार्य को दर्शाने के लिए किया जाता है। यह प्रेमी की सब कुछ त्यागने की तत्परता का प्रतीक है। यह प्रेम के अधिक सतही अभिव्यक्तियों के विपरीत गहराई और ईमानदारी पर जोर देता है।
Closing Insight
कविता की दुनिया में, 'सज्दा-ए-उल्फ़त' प्रेम की गहरी और अडिग भक्ति का प्रमाण है।