Meaning of

संहार

sanhaar • سنہار

विनाश; संहार

destruction; annihilation

تباہی; سنہار

Sanskrit

'संहार' अपने मूल अर्थ में सम्पूर्ण विनाश की छवि प्रस्तुत करता है, जहाँ सब कुछ समाप्त हो जाता है। कविता में यह अक्सर ब्रह्मांडीय चक्रों, युगों के अंत, या आत्मा की व्यक्तिगत तबाही के विषयों को गहराई से दर्शाता है।

'संहार' का उपयोग कवि अंत की अंतिमता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह संसारों के विनाश या हृदय के आंतरिक उथल-पुथल का प्रतीक हो सकता है। सृजन के विपरीत, यह अस्तित्व के चक्रीय स्वभाव को उजागर करता है।

'संहार' तूफान के बाद की गहरी खामोशी को पकड़ता है, जीवन की अस्थिरता की याद दिलाता है।