Meaning of

सराब-ए-ख़्वाहिश

saraab-e-khwaahish • سراب خواہش

इच्छा का मृगतृष्णा; लालसा का भ्रम

mirage of desire; illusion of longing

خواہش کا سراب; آرزو کا فریب

Arabic

यह वाक्यांश उन इच्छाओं की छवि प्रस्तुत करता है जो ठोस प्रतीत होती हैं लेकिन हमेशा दूर रहती हैं, जैसे रेगिस्तान में मृगतृष्णा। कविता में, यह उस लालसा का सार पकड़ता है जो कभी पूरी नहीं होती, सपनों का अंतहीन पीछा जो पास आते ही बिखर जाते हैं।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग इच्छाओं का पीछा करने की व्यर्थता को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह अक्सर जीवन की कठोर वास्तविकता के विपरीत होता है। मृगतृष्णा की छवि अप्राप्य लक्ष्यों के लिए एक रूपक के रूप में कार्य करती है।

कविता के क्षेत्र में, सराब-ए-ख़्वाहिश उन सपनों की मार्मिक याद दिलाता है जो चमकते हैं फिर भी छूट जाते हैं।