Meaning of
सराब-ए-सुख़न
saraab-e-sukhan • سراب سخن
Hindi
वाणी का मृगतृष्णा; शब्दों का भ्रम
English
mirage of speech; illusion of words
Urdu
گفتگو کا سراب; الفاظ کا فریب
Origin
Persian
Nuance
यह वाक्यांश उस विचार को प्रकट करता है जहाँ शब्द आशाजनक और सारपूर्ण प्रतीत होते हैं, लेकिन अंततः वे एक मृगतृष्णा की तरह खोखले साबित होते हैं। कविता में, यह भाषा की क्षणभंगुर और अक्सर भ्रामक प्रकृति को पकड़ता है।
Poetic Usage
कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग भ्रम और वास्तविकता, वादों की क्षणभंगुरता, और वाक्पटुता की भ्रामक सुंदरता के विषयों की खोज के लिए करते हैं।
Closing Insight
शब्दों के नृत्य में, वाणी का मृगतृष्णा सत्य की मायावी प्रकृति की एक भूतिया याद दिलाता है।