Meaning of
सराब-ओ-ख़्वाब
saraab-o-khwaab • سراب و خواب
Hindi
मृगतृष्णा और सपने; भ्रांतियाँ और आकांक्षाएँ
English
mirage and dreams; illusions and aspirations
Urdu
سراب اور خواب; فریب اور آرزوئیں
Origin
Persian
Nuance
'सराब-ओ-ख़्वाब' एक ऐसी भावना को जगाता है जो अप्राप्य की चाह और खोज से जुड़ी है। अपने मूल अर्थ में, यह सपनों और भ्रांतियों की क्षणभंगुरता को पकड़ता है, जहाँ वास्तविकता और कल्पना धुंधली हो जाती हैं। कविता इसको गहराई से देखती है, जहाँ चाहत और मोहभंग के बीच का तनाव उभरता है।
Poetic Usage
कवि अक्सर 'सराब-ओ-ख़्वाब' का उपयोग अधूरी इच्छाओं और सपनों के पीछा करने की सुंदरता को खोजने के लिए करते हैं। यह वास्तविकता की कठोरता और कल्पना के आकर्षण के बीच विरोधाभास को दर्शाता है। यह वाक्यांश उस नॉस्टेल्जिया को जगाता है जो हो सकता था।
Closing Insight
सपनों और भ्रांतियों के नृत्य में, 'सराब-ओ-ख़्वाब' दिल की अनंत खोज को पकड़ता है। यह स्वयं खोज में पाई गई सुंदरता की याद दिलाता है।