Meaning of

शाईरी

shaa'iri • شاعری

कविता; काव्य कला

poetry; art of poetry

شاعری; فن شاعری

Arabic

घर के बुज़ुर्ग लोगों की आँखें क्या बुझ गईं
अब रौशनी के नाम पर कुछ भी नहीं रहा

आए थे मीर ख़्वाब में कल डाँट कर गए
क्या शा'इरी के नाम पर कुछ भी नहीं रहा

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किताब फ़िल्म सफ़र इश्क़ शा'इरी औरत
कहाँ कहाँ न गया ख़ुद को ढूँढ़ता हुआ मैं

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तेरे वादे से प्यार है लेकिन
अपनी उम्मीद से नफ़रत है

पहली ग़लती तो इश्क़ करना थी
शा'इरी दूसरी हिमाक़त है

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ख़ुदा की शा'इरी होती है औरत
जिसे पैरों तले रौंदा गया है

तुम्हें दिल के चले जाने पे क्या ग़म
तुम्हारा कौन सा अपना गया है

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तुम्हारा भी दुखाएगा कोई दिल
तुम्हें भी शा'इरी अच्छी लगेगी

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मैं सुख़न में हूँ उस जगह कि जहाँ
साँस लेना भी शा'इरी है मुझे

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तुम्हारी बात करने की अदा ने ही किया पागल
न जाने हाल क्या होता, अगर तुम शा'इरी करती

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मैं न सोया रात सारी तुम कहो
बिन मेरे कैसे गुज़ारी, तुम कहो

हिज्र, आँसू, दर्द, आहें, शा'इरी
ये तो बातें थीं हमारी, तुम कहो

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तुझे कौन जानता था मेरी दोस्ती से पहले
तेरा हुस्न कुछ नहीं था मेरी शा'इरी से पहले

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आज मेरी इक ग़ज़ल ने उस के होंटों को छुआ
आज पहली बार अपनी शाइ'री अच्छी लगी

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घर के बुज़ुर्ग लोगों की आँखें क्या बुझ गईं
अब रौशनी के नाम पर कुछ भी नहीं रहा

आए थे मीर ख़्वाब में कल डाँट कर गए
क्या शा'इरी के नाम पर कुछ भी नहीं रहा

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किताब फ़िल्म सफ़र इश्क़ शा'इरी औरत
कहाँ कहाँ न गया ख़ुद को ढूँढ़ता हुआ मैं

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शाईरी वह कला है जो शब्दों को भावनाओं और विचारों की गूंज में बुनती है। यह आत्मा की अभिव्यक्ति है, जो लय और रूपक के माध्यम से मानव अनुभव की अवर्णनीय सुंदरता को पकड़ती है।

कवि शाईरी का उपयोग मानव भावनाओं की गहराई का पता लगाने, प्रश्न करने, जश्न मनाने और शोक व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह व्यक्तिगत चिंतन और सार्वभौमिक सत्य दोनों के लिए एक माध्यम है।

शाईरी शब्दों और भावनाओं का शाश्वत नृत्य है। यह वह स्थान है जहाँ हृदय अपनी आवाज़ पाता है और आत्मा अपना गीत।