Meaning of

शाख़-ए-ज़र्द

shaakh-e-zard • شاخ زرد

पीली शाखा; मुरझाई शाखा

yellow branch; withered branch

پیلی شاخ; مرجھائی شاخ

Persian

अपने मूल अर्थ में, 'शाख़-ए-ज़र्द' एक ऐसी शाखा की छवि प्रस्तुत करता है जिसने अपनी जीवन्तता खो दी है, जिसका रंग पीला पड़ गया है। कविता में, यह छवि क्षय, समय के बीतने और उम्र के साथ आने वाले अवश्यंभावी पतन का प्रतीक बन जाती है।

'शाख़-ए-ज़र्द' का उपयोग कवि उदासी और स्मृति के भावों को जगाने के लिए करते हैं। यह अक्सर सुंदरता और जीवन की क्षणभंगुरता पर विचार करने वाले छंदों में दिखाई देता है। यह छवि हरी-भरी, खिली शाखाओं के विपरीत होती है, जिससे हानि और अस्थिरता के विषयों को उजागर किया जाता है।

'शाख़-ए-ज़र्द' की छवि जीवन की क्षणभंगुरता की मार्मिक याद दिलाती है। यह विकास और क्षय के बीच के नाज़ुक संतुलन को पकड़ती है।