Meaning of

शाम-ए-ग़ुर्बत

shaam-e-ghurbat • شام غربت

निर्वासन की शाम; जुदाई का समय

evening of exile; time of separation

شام غربت; جدائی کا وقت

Persian

शाम-ए-ग़ुर्बत अपने वतन या प्रियजनों से दूर होने की उदासी और एकाकीपन को व्यक्त करता है। यह सांझ की शांत उदासी को समेटे हुए है, जब जुदाई सबसे गहरी महसूस होती है। कविता में, यह अक्सर लालसा, स्मृति और निर्वासन के दर्द का प्रतीक होता है।

कवि शाम-ए-ग़ुर्बत का उपयोग निर्वासन की थीम, जुदाई के दर्द और वापसी की लालसा को खोजने के लिए करते हैं। यह पुनर्मिलन की गर्मजोशी और घर की आरामदायकता के विपरीत है।

शाम-ए-ग़ुर्बत लालसा और जुदाई के सार को समेटे हुए है, दिल की गहरी इच्छाओं की एक मार्मिक याद दिलाता है।