Meaning of
शान-ए-फ़ख़्र
shaan-e-fakhr • شان فخر
Hindi
गौरव; गर्व
English
pride; glory
Urdu
فخر; شان
Origin
Arabic
Nuance
यह शब्द भव्यता और गरिमा की भावना को जागृत करता है। कविता में, यह अक्सर किसी व्यक्ति या उपलब्धि के चारों ओर की भव्य आभा का प्रतीक होता है, जो उससे जुड़ी शोभा और सम्मान को उजागर करता है।
Poetic Usage
कवि इस शब्द का उपयोग कुलीनता और सम्मान के सार को व्यक्त करने के लिए करते हैं। इसे अक्सर विनम्रता के साथ विपरीत किया जाता है, जिससे गर्व और विनम्रता के बीच एक गतिशील अंतःक्रिया बनती है। यह शब्द प्रकृति या ब्रह्मांड की भव्यता को भी जागृत कर सकता है।
Closing Insight
कविता में 'शान-ए-फ़ख़्र' गर्व और विनम्रता की द्वैतता को समेटे हुए, मानव गरिमा के सार को पकड़ता है।