Meaning of

शाइ'री

shaay'ri • شاعری

कविता; कविताएँ रचने की कला

poetry; art of composing poems

شاعری; نظموں کی تخلیق کا فن

Persian

घर के बुज़ुर्ग लोगों की आँखें क्या बुझ गईं
अब रौशनी के नाम पर कुछ भी नहीं रहा

आए थे मीर ख़्वाब में कल डाँट कर गए
क्या शा'इरी के नाम पर कुछ भी नहीं रहा

42

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किताब फ़िल्म सफ़र इश्क़ शा'इरी औरत
कहाँ कहाँ न गया ख़ुद को ढूँढ़ता हुआ मैं

109

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तेरे वादे से प्यार है लेकिन
अपनी उम्मीद से नफ़रत है

पहली ग़लती तो इश्क़ करना थी
शा'इरी दूसरी हिमाक़त है

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ख़ुदा की शा'इरी होती है औरत
जिसे पैरों तले रौंदा गया है

तुम्हें दिल के चले जाने पे क्या ग़म
तुम्हारा कौन सा अपना गया है

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तुम्हारा भी दुखाएगा कोई दिल
तुम्हें भी शा'इरी अच्छी लगेगी

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मैं सुख़न में हूँ उस जगह कि जहाँ
साँस लेना भी शा'इरी है मुझे

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तुम्हारी बात करने की अदा ने ही किया पागल
न जाने हाल क्या होता, अगर तुम शा'इरी करती

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मैं न सोया रात सारी तुम कहो
बिन मेरे कैसे गुज़ारी, तुम कहो

हिज्र, आँसू, दर्द, आहें, शा'इरी
ये तो बातें थीं हमारी, तुम कहो

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तुझे कौन जानता था मेरी दोस्ती से पहले
तेरा हुस्न कुछ नहीं था मेरी शा'इरी से पहले

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आज मेरी इक ग़ज़ल ने उस के होंटों को छुआ
आज पहली बार अपनी शाइ'री अच्छी लगी

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घर के बुज़ुर्ग लोगों की आँखें क्या बुझ गईं
अब रौशनी के नाम पर कुछ भी नहीं रहा

आए थे मीर ख़्वाब में कल डाँट कर गए
क्या शा'इरी के नाम पर कुछ भी नहीं रहा

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किताब फ़िल्म सफ़र इश्क़ शा'इरी औरत
कहाँ कहाँ न गया ख़ुद को ढूँढ़ता हुआ मैं

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शाइ'री का मूल भाव शब्दों को भावनाओं और विचारों की बुनावट में पिरोने की कला है। यह आत्मा की आवाज़ है, जो मानव अनुभव की सूक्ष्मताओं को पकड़ती है। कविता ने इस शब्द को केवल छंद की रचना तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उस संपूर्ण भावनात्मक यात्रा को भी समेटा है जो यह उत्पन्न करती है।

कवि अक्सर शाइ'री का उपयोग प्रेम, हानि और लालसा की गहराइयों को खोजने के लिए करते हैं। यह हृदय और संसार के बीच एक पुल के रूप में कार्य करता है, जिससे अनकहा व्यक्त हो सके। यह शब्द कालातीतता की भावना को जागृत करता है, जहाँ भावनाएँ शाश्वत और सदैव उपस्थित रहती हैं।

शाइ'री हृदय की मौन आवाज़ है, जो समय के गलियारों में गूंजती है।