Meaning of

शब-ए-बेकशी

shab-e-bekashi • شب بےکشی

बेचैनी की रात; नींद रहित रात

night of restlessness; sleepless night

بے چینی کی رات; بے خواب رات

Persian

यह वाक्यांश बेचैनी और लालसा से भरी रात का सार प्रस्तुत करता है। यह उन भावनात्मक उथल-पुथल को दर्शाता है जो किसी को जागृत रखते हैं, अक्सर प्रेम या अस्तित्व संबंधी चिंतन से जुड़े होते हैं।

कवि अक्सर 'शब-ए-बेकशी' का उपयोग उस आंतरिक संघर्ष और लालसा को व्यक्त करने के लिए करते हैं जो नींद को रोकते हैं। यह हृदय और मस्तिष्क के बीच संघर्ष या अलगाव के दर्द का प्रतीक हो सकता है।

रात की शांति में, 'शब-ए-बेकशी' उस बेचैन आत्मा से बात करता है जो सांत्वना की तलाश में है।