Meaning of

शब-ए-दैजूर

shab-e-daijoor • شب دَیجور

अंधकार की रात; निराशा का समय

night of darkness; period of despair

اندھیرے کی رات; مایوسی کا دور

Persian

यह वाक्यांश एक गहरी, अभेद्य अंधकार की भावना को जगाता है, जो वास्तविक और रूपक दोनों है। कविता में, यह अक्सर गहरे निराशा या भ्रम के समय का प्रतीक होता है, जहाँ प्रकाश अनुपस्थित लगता है और आशा दूर होती है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग तीव्र भावनात्मक संघर्ष के क्षणों को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह ज्ञान या स्पष्टता के क्षणों के विपरीत होता है। अक्सर, यह प्रकाश या समझ की ओर यात्रा का प्रारंभ होता है।

अंधकार के हृदय में, कविता प्रकाश के बीज खोजती है। शब-ए-दैजूर एक अंत और एक आरंभ दोनों है।