Meaning of

शब-ए-वहशत

shab-e-vahshat • شب وحشت

भय की रात; जंगलीपन की रात

night of terror; night of wildness

وحشت کی رات; جنگلی پن کی رات

Persian

यह वाक्यांश भय और अराजकता से भरी रात की छवि प्रस्तुत करता है। कविता में, यह उन उथल-पुथल भरी भावनाओं का प्रतीक है जो आत्मा को घेर सकती हैं, एक समय जब दिल अपनी सबसे गहरी आशंकाओं से जूझता है।

आंतरिक उथल-पुथल और अस्तित्वगत भय को दर्शाने के लिए उपयोग किया जाता है। कवि अक्सर इसे मानव मनोविज्ञान के अंधेरे पहलुओं को खोजने के लिए उपयोग करते हैं, इसे शांति और स्पष्टता के क्षणों के विपरीत रखते हैं।

शब-ए-वहशत उन रातों का सार पकड़ता है जब आत्मा बेचैन होती है। यह भय और शांति के बीच संतुलन की याद दिलाता है।