Meaning of

शम्अ'-ए-शौक़

sham'a-e-shauq • شمع شوق

लालसा की शम्अ'; इच्छा की लौ

candle of longing; flame of desire

شمع شوق; خواہش کی شمع

Persian

'शम्अ'-ए-शौक़' एक ऐसी शम्अ' की छवि प्रस्तुत करता है जो लालसा और इच्छा की तीव्रता से जल रही है। यह उस आंतरिक लौ का प्रतीक है जो किसी को प्रेम के पथ पर ले जाती है, अपनी झिलमिलाती रोशनी से प्रेम के मार्ग को प्रकाशित करती है। कविता में इस छवि का उपयोग अक्सर जुनून की भस्म करने वाली प्रकृति को दर्शाने के लिए किया जाता है।

कवि 'शम्अ'-ए-शौक़' का उपयोग प्रेम और इच्छा की जलती हुई तीव्रता को दर्शाने के लिए करते हैं। इसे अक्सर पूर्ण प्रेम की शांति के विपरीत रखा जाता है, प्रेमी की यात्रा को प्रेरित करने वाली बेचैन लालसा को उजागर करते हुए।

'शम्अ'-ए-शौक़' इच्छा की झिलमिलाती लौ का प्रतीक है, प्रेम की बेचैन खोज का प्रतीक।