Meaning of

शम्अ'

shama' • شمع

मोमबत्ती; प्रकाश; रोशनी

candle; light; illumination

شمع; روشنی; چراغ

Arabic

शमा' जलाने को सब हैं कहते बहुत अँधेरा बिखर रहा है
हटा दो ज़ुल्फ़ें हुआ उजाला जरा सा हँस दो हुआ सवेरा

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फिर नज़र में फूल महके दिल में फिर शमएँ जलीं फिर तसव्वुर ने लिया उस बज़्म में जाने का नाम

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अभी रोने दो शम्ओं को मत रोको
ये परवाने का मातम कर रही हैं

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हवा ख़फ़ा थी मगर इतनी संग-दिल भी न थी
हमीं को शमा' जलाने का हौसला न हुआ

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अब तक दिल-ए-ख़ुश-फ़हम को तुझ से हैं उम्मीदें
ये आख़िरी शमएँ भी बुझाने के लिए आ

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प्यार की जोत से घर घर है चराग़ाँ वर्ना
एक भी शम्अ' न रौशन हो हवा के डर से

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ये इंतिज़ार नहीं शम्अ' है रिफ़ाक़त की
इस इंतिज़ार से तन्हाई ख़ूब-सूरत है

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मैं ढूँढ़ रहा हूँ मिरी वो शम्अ' कहाँ है
जो बज़्म की हर चीज़ को परवाना बना दे

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रात भर दर्द की शम्अ' जलती रही
ग़म की लौ थरथराती रही रात भर

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अभी तुम शमअ जलने दो ज़रा देर
अभी बेताब परवाने बहुत हैं

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शमा' जलाने को सब हैं कहते बहुत अँधेरा बिखर रहा है
हटा दो ज़ुल्फ़ें हुआ उजाला जरा सा हँस दो हुआ सवेरा

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फिर नज़र में फूल महके दिल में फिर शमएँ जलीं फिर तसव्वुर ने लिया उस बज़्म में जाने का नाम

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'शम्अ'' शब्द प्रकाश और अंधकार के बीच के नाजुक संतुलन को दर्शाता है। यह आशा, मार्गदर्शन, और जीवन की नाजुकता का प्रतीक है। कविता में, यह अक्सर आत्मा की ज्ञान की लालसा और अस्तित्व की क्षणभंगुरता का प्रतिनिधित्व करता है।

कवि 'शम्अ'' का उपयोग प्रेम, बलिदान, और ज्ञान के विषयों को उकसाने के लिए करते हैं। यह प्रेमी के दिल का प्रतीक हो सकता है, जो जुनून से जल रहा है, या छायाओं की दुनिया में मार्गदर्शक प्रकाश। यह अंधकार के विपरीत है, जो आशा और निराशा के बीच के शाश्वत संघर्ष का प्रतिनिधित्व करता है।

'शम्अ'' में, कविता आत्मा की रोशनी पाती है। यह प्रेरणा और लालसा की शाश्वत ज्वाला है।