Meaning of

शरीक-ए-बज़्म-ए-मय

shareek-e-bazm-e-may • شریک بزم مے

मय की महफ़िल का साथी; मय की सभा में भागीदार

companion of the wine gathering; participant in a convivial assembly

شراب کی محفل کا ساتھی; شراب کی مجلس میں شریک

Persian

यह वाक्यांश एक ऐसी महफ़िल की छवि प्रस्तुत करता है जहाँ मय की धारा बहती है और मित्रता का जश्न मनाया जाता है। कविता में, यह अक्सर मुक्ति और साझा आनंद का प्रतीक होता है, जहाँ दुनिया के बोझ को क्षणिक रूप से भुला दिया जाता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग उल्लास और एकता के दृश्यों को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह एकांत के विपरीत, संगति की गर्मजोशी को उजागर करता है। अक्सर, यह जीवन के क्षणिक सुखों के लिए एक रूपक के रूप में कार्य करता है।

काव्यिक क्षेत्र में, 'शरीक-ए-बज़्म-ए-मय' क्षणिक आनंद और संबंध की मानवीय इच्छा का प्रतीक बन जाता है।