Meaning of

शरीक-ए-मर्ग

shareek-e-marg • شریک مرگ

मृत्यु में साथी; निधन में सहचर

companion in death; fellow in demise

موت میں ساتھی; وفات میں ہمراہ

Persian

यह वाक्यांश जीवन की अंतिम यात्रा में साझा भाग्य और अपरिहार्य संगति की गहरी भावना को जागृत करता है। कविता में, यह अक्सर उस अंतिम मिलन या बंधन का प्रतीक होता है जो सांसारिक दुनिया से परे होता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग मृत्यु और शाश्वत संगति के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह मृत्यु की उदासीन स्वीकृति या अंत में अकेले न होने की सांत्वना देने वाली धारणा को दर्शा सकता है।

अपनी शांत गूंज में, 'शरीक-ए-मर्ग' उन गहन संबंधों की बात करता है जो जीवन से परे बने रहते हैं।