Meaning of
शौक़-ए-बे-ख़्वाबी
shauq-e-be-khwabi • شوق بے خوابی
Hindi
नींद न आने की चाह; जागने की लालसा
English
desire for sleeplessness; longing for wakefulness
Urdu
نیند نہ آنے کی خواہش; جاگنے کی تمنا
Origin
Persian
Nuance
यह वाक्यांश एक बेचैन चाह को दर्शाता है, रात और उसकी तन्हाई को अपनाने की एक जानबूझकर की गई पसंद। कविता में, यह उन लोगों के सार को पकड़ता है जो शांत घंटों में सांत्वना पाते हैं, प्रेरणा या आत्मनिरीक्षण की खोज में।
Poetic Usage
कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग प्रेमी की लालसा या दार्शनिक की खोज को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह नींद की शांति के विपरीत है, जागते रहने की एक सचेत पसंद को उजागर करता है। यह किसी के विचारों या भावनाओं के साथ गहरे जुड़ाव का सुझाव देता है।
Closing Insight
कविता के क्षेत्र में, नींद न आना आत्मा की गहरी इच्छाओं के लिए एक कैनवास बन जाता है।