Meaning of

शौक़-ए-बुत-परस्ती

shauq-e-but-parasti • شوق بت پرستی

मूर्ति पूजा की इच्छा; आराधना का जुनून

desire for idol worship; passion for adoration

بت پرستی کی خواہش; عبادت کا جنون

Persian

‘शौक़-ए-बुत-परस्ती’ वाक्यांश मूर्त रूप की पूजा की मानव प्रवृत्ति में गहराई से उतरता है। यह भौतिक में दिव्यता खोजने की लालसा को दर्शाता है, पवित्र को अपवित्र में खोजने की खोज। कविता में, यह अक्सर आध्यात्मिक भक्ति और सांसारिक लगाव के बीच संघर्ष का प्रतीक होता है।

कवि 'शौक़-ए-बुत-परस्ती' का उपयोग प्रेम और भक्ति के विषयों की खोज के लिए करते हैं, जहाँ प्रिय को अक्सर एक मूर्ति के रूप में देखा जाता है। इसका उपयोग भौतिक पूजा की सतहीता की आलोचना के लिए भी किया जाता है।

‘शौक़-ए-बुत-परस्ती’ में, कविता भौतिक में अर्थ की आत्मा की खोज का दर्पण पाती है। यह पवित्र और अपवित्र के बीच शाश्वत नृत्य पर एक चिंतन है।