Meaning of

शौक़-ए-हर-लहज़ा

shauq-e-har-lahzaa • شوق ہر لمحہ

हर पल की इच्छा; निरंतर लालसा

desire of every moment; constant yearning

ہر لمحے کی خواہش; مسلسل تڑپ

Persian

मूल अर्थ हर पल बनी रहने वाली एक अंतहीन इच्छा को पकड़ता है। कविता में, यह हृदय की बेचैन प्रकृति का प्रतीक है, जो हमेशा खोजता रहता है, कभी संतुष्ट नहीं होता।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग सपनों या प्रेम की निरंतर खोज को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक ऐसी आत्मा की छवि को उभारता है जो एक अतृप्त लालसा से प्रेरित होकर निरंतर गति में रहती है।

यह वाक्यांश एक सदा खोजते रहने वाले हृदय का सार पकड़ता है, जो हमेशा खोज में रहता है।