Meaning of

शौक़–ए–हिजरत

shauq-e-hijrat • شوق ہجرت

प्रवास की इच्छा; विदा की लालसा

desire for migration; longing for departure

ہجرت کی خواہش; روانگی کی تمنا

Arabic

यह शब्द परिचित को छोड़कर अज्ञात की ओर जाने की गहरी लालसा को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर नए आरंभों की खोज या एक आध्यात्मिक यात्रा का प्रतीक होता है, जहाँ हृदय सांसारिकता से मुक्ति चाहता है।

कवि इस शब्द का उपयोग निर्वासन और परिवर्तन के विषयों को उजागर करने के लिए करते हैं। यह एक भौतिक यात्रा या आंतरिक रूपांतरण का सुझाव दे सकता है। अक्सर स्थायित्व और अपनत्व के शब्दों के विपरीत प्रयोग होता है।

अपने सार में, 'शौक़-ए-हिजरत' आत्मा की साहसी भावना का आह्वान है। यह अज्ञात में मिलने वाली सुंदरता की फुसफुसाहट करता है।