Meaning of

शौक़-ए-जल्वा

shauq-e-jalva • شوق جلوہ

प्रकट होने की इच्छा; रहस्योद्घाटन की लालसा

desire for manifestation; longing for revelation

ظاہر ہونے کی خواہش; انکشاف کی تمنا

Persian

यह वाक्यांश किसी गहरे और प्रकट अनुभव को देखने या अनुभव करने की तीव्र इच्छा को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर सत्य या सौंदर्य की खोज का प्रतीक होता है, एक ऐसी इच्छा जो साधारण से परे देखने और दिव्यता को छूने की होती है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग दिव्य सौंदर्य के लिए आत्मा की लालसा को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर सांसारिक जीवन और आध्यात्मिक आकांक्षाओं के बीच के तनाव को उजागर करता है।

अपने मूल में, 'शौक़-ए-जल्वा' उत्कृष्ट के लिए मानव की अनंत खोज का काव्यात्मक प्रतिबिंब है।