Meaning of

शौक़-ए-लिक़ा-ए-रू-ए-यार

shauq-e-liqaa-e-roo-e-yaar • شوق لقائے روئے یار

प्रिय के चेहरे से मिलने की इच्छा

desire for the meeting of the beloved's face

محبوب کے چہرے سے ملاقات کی خواہش

Persian

यह वाक्यांश प्रेमी के दिल में भरी तीव्र लालसा और प्रतीक्षा को पकड़ता है। यह उस क्षण की लालसा को व्यक्त करता है, जहाँ प्रिय की उपस्थिति एक सांत्वना और गहरे आनंद का स्रोत होती है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग प्रेम की गहराई और प्रेमियों के बीच आध्यात्मिक संबंध को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह लालसा की खट्टे-मीठे स्वभाव को भी दर्शा सकता है, जहाँ इच्छा एक सांत्वना और एक यातना दोनों होती है।

कविता के क्षेत्र में, 'शौक़-ए-लिक़ा-ए-रू-ए-यार' प्रेम और लालसा के शाश्वत नृत्य को मूर्त रूप देता है, जो दिल की गहरी इच्छाओं का प्रमाण है।