Meaning of

शौक़-ए-क़ैस

shauq-e-qais • شوق قیس

क़ैस की चाह; प्रेमी की लालसा

desire of Qais; longing of a lover

قیس کی چاہ; عاشق کی تمنا

Arabic

यह वाक्यांश क़ैस की प्रसिद्ध प्रेम कहानी को याद दिलाता है, जिसे मजनूँ के नाम से भी जाना जाता है, जिसकी लैला के प्रति दीवानगी अधूरे प्रेम का प्रतीक बन गई। कविता में, यह सच्चे प्रेम के साथ आने वाली लालसा और पागलपन की गहराई को दर्शाता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग तीव्र लालसा और प्रेम की भस्म करने वाली प्रकृति को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर प्रेमी की पागलपन और समर्पण की यात्रा का प्रतीक होता है।

कविता की दुनिया में, 'शौक़-ए-क़ैस' प्रेम की अनंत खोज का प्रतीक है, जहाँ लालसा एक साथ यातना और प्रिय साथी बन जाती है।