Meaning of

शौक़-ए-रुस्वा

shauq-e-rusva • شوق رسوا

बदनामी की चाह; रुसवाई की लालसा

desire for disgrace; longing for infamy

بدنامی کی چاہ; رسوائی کی خواہش

Persian

शौक़-ए-रुस्वा एक विरोधाभासी चाह को दर्शाता है, जो सामाजिक मान्यताओं को चुनौती देता है। कविता में, यह एक प्रेमी की छवि प्रस्तुत करता है जो अपनी मोहब्बत की गहराई को साबित करने के लिए बदनामी को गले लगाता है।

कवि अक्सर 'शौक़-ए-रुस्वा' का उपयोग एक ऐसी मोहब्बत को दर्शाने के लिए करते हैं जो सामाजिक निर्णय से परे हो। यह एक ऐसी मोहब्बत की घोषणा है जो सार्वजनिक निंदा सहने को तैयार है। यह सामाजिक स्वीकृति की चाह के विपरीत है, प्रेमी की विद्रोही भावना को उजागर करता है।

कविता की दुनिया में, 'शौक़-ए-रुस्वा' एक निडर और अडिग प्रेम का प्रतीक है। यह सामाजिक बंधनों पर जुनून की शक्ति का प्रमाण है।