Meaning of
शौक़-ए-सनम
shauq-e-sanam • شوق صنم
Hindi
प्रेमिका के लिए चाह; मूर्ति के लिए लालसा
English
desire for the beloved; longing for the idol
Urdu
محبوب کی خواہش; صنم کی چاہت
Origin
Persian
Nuance
शौक़-ए-सनम अपने मूल में उस तीव्र लालसा को पकड़ता है जो कोई अपने प्रिय के लिए महसूस करता है, जिसे अक्सर एक मूर्ति के समान माना जाता है। यह लालसा मात्र स्नेह से परे है, दिव्यता और अप्राप्यता को छूता है, आत्मा की गहरी इच्छाओं का प्रतिबिंब।
Poetic Usage
कवि अक्सर 'शौक़-ए-सनम' का उपयोग अप्राप्य प्रेम और दिव्य लालसा के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह एक प्रेमी की अंतहीन खोज, हृदय की मौन पुकार और साधक और साध्य के बीच पवित्र बंधन की छवियों को उकसाता है।
Closing Insight
कविता के क्षेत्र में, 'शौक़-ए-सनम' प्रेम और लालसा के बीच के शाश्वत नृत्य का प्रमाण है।