Meaning of

शौक़-ए-सहर

shauq-e-sehr • شوق سحر

सुबह की चाह; नई शुरुआत की लालसा

desire for dawn; longing for a new beginning

صبح کی چاہ; نئی شروعات کی خواہش

Persian

यह शब्द सुबह की पहली किरण के लिए गहरी लालसा को दर्शाता है, जो आशा और नवीनीकरण का प्रतीक है। कविता में, यह प्रतीक्षा और शुरुआत की सुंदरता का सार पकड़ता है।

कवि अक्सर इस शब्द का उपयोग परिवर्तन या नई शुरुआत की लालसा व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह सुबह से पहले के शांत क्षणों से जुड़ा होता है, जो संभावनाओं और वादों से भरा होता है।

'शौक़-ए-सहर' अपनी शांत सुंदरता में एक नई सुबह की अनंत आशा को समेटे हुए है।