Meaning of

शे’र

she’r • شعر

कविता; शेर

poem; verse

شعر; نظم

Arabic

अँगूठी के लिए पैसा नहीं था
किया इज़हार हम ने शे'र से ही

58

Download Image

अपने में'यार से नीचे तो मैं आने से रहा
शे'र भूखा हूँ मगर घास तो खाने से रहा

90

Download Image

ये तुम सब मिल के जो कुछ कह रहे हो
मैं कह सकता हूँ पर कहना नहीं है

हमारा शे'र भी सुनने न आएँ
हमारा दुख जिन्हें सहना नहीं है

88

Download Image

आप की आँखें अगर शे'र सुनाने लग जाएँ
हम जो ग़ज़लें लिए फिरते हैं, ठिकाने लग जाएँ

77

Download Image

चाँद सा मिस्रा अकेला है मिरे काग़ज़ पर
छत पे आ जाओ मिरा शे'र मुकम्मल कर दो

76

Download Image

किसी बहाने से उस की नाराज़गी ख़त्म तो करनी थी
उस के पसंदीदा शाइ'र के शे'र उसे भिजवाए हैं

67

Download Image

अच्छे शे'र सुनाने वाले लड़के सुन
अच्छे शाइ'र तन्हा ही रह जाते हैं

62

Download Image

हर शे'र हर ग़ज़ल पे है ऐसी छाप तेरी
तस्वीर बन रही है इक अपने आप तेरी

तेरे लिए किसी को इतना दीवाना देखा
लगने लगी है मुझ को चाहत भी पाप तेरी

61

Download Image

उल्फ़त से दुनिया का बैर पुराना है
फिर भी दीवाने को शे'र सुनाना है

सबका कर्ज अदा कर के लौटा हूँ मैं
बस इक लड़की का बोसा लौटाना है

60

Download Image

जब चाहें सो जाते थे हम, तुम सेे बातें कर के तब
उल्टी गिनती गिनने से भी नींद नहीं आती है अब

इश्क़ मुहब्बत पर ग़ालिब के शे'र सुनाए उस को जब
पहले थोड़ा शरमाई वो फिर बोली इस का मतलब?

58

Download Image

अँगूठी के लिए पैसा नहीं था
किया इज़हार हम ने शे'र से ही

58

Download Image

अपने में'यार से नीचे तो मैं आने से रहा
शे'र भूखा हूँ मगर घास तो खाने से रहा

90

Download Image

शे’र काव्यात्मक अभिव्यक्ति की धड़कन है, भावना और विचार का एक संक्षिप्त रूप। यह कुछ पंक्तियों में मानव अनुभव का सार पकड़ता है, अक्सर एक स्थायी प्रभाव छोड़ता है। शे’र व्यक्तिगत और सार्वभौमिक दोनों का प्रतिबिंब है, जो पाठक की अपनी भावनाओं के साथ गूंजता है।

कवि गहरे सत्य या क्षणिक भावनाओं को व्यक्त करने के लिए शे’र की रचना करते हैं। यह आत्मनिरीक्षण और रहस्योद्घाटन का माध्यम है, जो अक्सर सरलता की सुंदरता को पकड़ता है।

शे’र एक दर्पण है, जो आत्मा की फुसफुसाहट और दुनिया की गूंज को प्रतिबिंबित करता है।