Meaning of

शीशा-ए-शराब

sheesha-e-sharaab • شیشہ شراب

शराब का गिलास; प्याला

glass of wine; goblet

شراب کا گلاس; پیالہ

Persian

‘शीशा-ए-शराब’ शब्द से शराब के गहरे रंगों से भरे नाजुक गिलास की छवि उभरती है। कविता में, यह अक्सर सुख की नाजुकता और जीवन के क्षणभंगुर पलों के नशीले आकर्षण का प्रतीक होता है। गिलास आनंद और विषाद दोनों का पात्र बन जाता है, भोग की द्वैत प्रकृति को दर्शाता है।

कवि ‘शीशा-ए-शराब’ का उपयोग भोग की क्षणिक सुंदरता को उजागर करने के लिए करते हैं। यह आनंद और दुःख के बीच नाजुक संतुलन का प्रतीक हो सकता है। यह वाक्यांश अक्सर प्रेम, हानि और समय के प्रवाह के विषयों की खोज करने वाली पंक्तियों में दिखाई देता है।

कविता के क्षेत्र में, ‘शीशा-ए-शराब’ जीवन के सुखों के खट्टे-मीठे नृत्य को दर्शाता है, नाजुक फिर भी गहरा।