Meaning of
शिकार-ए-रश्क-ओ-हसद
shikaar-e-rashk-o-hasad • شکار رشک و حسد
Hindi
ईर्ष्या और जलन का शिकार
English
prey of envy and jealousy
Urdu
رشک اور حسد کا شکار
Origin
Persian
Nuance
यह वाक्यांश किसी ऐसे व्यक्ति की जीवंत छवि प्रस्तुत करता है जो ईर्ष्या और जलन की विनाशकारी भावनाओं में फंसा हुआ है। कविता में, यह अक्सर मानव स्वभाव के अंधेरे पहलुओं और इन भावनाओं के कारण होने वाले उथल-पुथल की खोज करता है।
Poetic Usage
कवि इसका उपयोग आंतरिक संघर्ष और नैतिक संघर्ष के विषयों में गहराई से जाने के लिए करते हैं। यह ऐसी भावनाओं को पालने के आत्म-विनाशकारी मार्ग को भी उजागर कर सकता है।
Closing Insight
ईर्ष्या की छाया में, कोई चरित्र की सच्ची परीक्षा पाता है।