Meaning of

क़ासिद

shikaayat • شکایت

संदेशवाहक; दूत; समाचार लाने वाला

messenger; envoy; bearer of news

قاصد; پیامبر; خبر لانے والا

Arabic

गले से लगते ही जितने गिले थे भूल गए
वगर्ना याद थीं हम को शिकायतें क्या क्या

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तोहफ़ा, फूल, शिकायत, कुछ तो ले कर जा
इश्क़ से मिलने ख़ाली हाथ नहीं जाते

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मैं कहाँ जाऊँ करूँँ किस से शिकायत उस की
हर तरफ़ उस के तरफ़-दार नज़र आते हैं।

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धूप तो धूप ही है इस की शिकायत कैसी
अब की बरसात में कुछ पेड़ लगाना साहब

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नींद उड़ जाएगी रातों को शिकायत होगी
मैं न समझा था तुम्हें इतनी मोहब्बत होगी

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यहीं तक इस शिकायत को न समझो
ख़ुदा तक जाएगा झगड़ा हमारा

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वो भी आख़िर तिरी ता'रीफ़ में ही ख़र्च हुआ
मैं ने जो वक़्त निकाला था शिकायत के लिए

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कहने देती नहीं कुछ मुँह से मोहब्बत मेरी
लब पे रह जाती है आ आ के शिकायत मेरी

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कट गई उम्र हमारी ये शिकायत करते
अपने जैसा कोई मिलता तो मुहब्बत करते

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कह के ये और कुछ कहा न गया
कि मुझे आप से शिकायत है

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गले से लगते ही जितने गिले थे भूल गए
वगर्ना याद थीं हम को शिकायतें क्या क्या

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तोहफ़ा, फूल, शिकायत, कुछ तो ले कर जा
इश्क़ से मिलने ख़ाली हाथ नहीं जाते

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अपने मूल अर्थ में, 'क़ासिद' उस व्यक्ति को संदर्भित करता है जो संदेश या समाचार लाता है। कविता में, यह भूमिका अक्सर भावनात्मक भार से भरी होती है, क्योंकि संदेशवाहक बिछड़े प्रेमियों या दूरस्थ स्थानों के बीच एक पुल बन जाता है, केवल शब्द ही नहीं बल्कि लालसा और आशा का सार भी लाता है।

कवि अक्सर 'क़ासिद' का उपयोग अलगाव और लालसा के विषयों को उजागर करने के लिए करते हैं। संदेशवाहक उन लोगों की भावनाओं का मूक गवाह बन जाता है जो समाचार की प्रतीक्षा करते हैं। यह शब्द 'रक़ीब' (प्रतिद्वंद्वी) के विपरीत हो सकता है क्योंकि क़ासिद एक निष्पक्ष पक्ष होता है, जो बिना पक्षपात के संदेश लाता है।

कविता के क्षेत्र में, 'क़ासिद' अनकहे भावनाओं का भार वहन करता है। यह उन मौन यात्राओं का प्रमाण है जो शब्द करते हैं।