Meaning of

शिकश्त-ए-आलम

shikasht-e-aalam • شکست عالم

दुनिया की हार; सार्वभौमिक पतन

defeat of the world; universal downfall

دنیا کی شکست; عالمی زوال

Persian

'शिकश्त-ए-आलम' एक पतनशील दुनिया की भव्य छवि को पकड़ता है। यह अनिवार्य क्षय और अस्तित्व की चक्रीय प्रकृति को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर सांसारिक प्रयासों की निरर्थकता और शक्ति की क्षणभंगुर प्रकृति पर विचार करता है।

कवि 'शिकश्त-ए-आलम' का उपयोग अस्तित्वगत निराशा और आदर्शों के पतन के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह एक युग के अंत या सांसारिक उपलब्धियों के साथ मोहभंग का प्रतीक हो सकता है। यह आशा के विपरीत, पतन की अनिवार्यता को उजागर करता है।

काव्यिक क्षेत्र में, 'शिकश्त-ए-आलम' महिमा की अस्थिरता पर एक चिंतन है। यह दुनिया के अनिवार्य पतन की एक गंभीर याद दिलाता है।