Meaning of

शिकस्त-ए-अरमाँ

shikast-e-arman • شکست ارماں

इच्छा की हार; टूटे सपने

defeat of desire; broken dreams

خواہش کی شکست; ٹوٹے خواب

Persian

यह वाक्यांश अधूरी आकांक्षाओं और उन सपनों के दुःख को व्यक्त करता है जो कभी पूरे नहीं हुए। यह दिल की मौन विलाप, भाग्य के अडिग हाथ के प्रति शांत समर्पण की बात करता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग हानि और लालसा, आशा की खट्टे-मीठे स्वभाव, और जीवन की अनिश्चितता के प्रति अनिवार्य समर्पण की थीम का पता लगाने के लिए करते हैं। यह अक्सर युवा सपनों की जीवंतता के विपरीत होता है।

कविता में, 'शिकस्त-ए-अरमाँ' विलंबित सपनों की गूंज है, निराशा के बीच दिल की दृढ़ता का प्रमाण।