Meaning of

शिकस्त-ए-पैमाँ

shikast-e-paemaan • شکست پیمان

वचन भंग; टूटा हुआ वादा

breach of promise; broken vow

وعدہ خلافی; ٹوٹا ہوا وعدہ

Persian

अपने मूल अर्थ में, 'शिकस्त-ए-पैमाँ' एक टूटे हुए वादे के दर्द और निराशा को व्यक्त करता है। कविता में, यह वाक्यांश अधूरे वादों के साथ आने वाले भावनात्मक उथल-पुथल और विश्वासघात की भावना को पकड़ता है। यह टूटी हुई आस्था के दर्द के साथ गहराई से जुड़ा होता है, जो अक्सर गहरे भावनात्मक घावों का प्रतीक होता है।

'शिकस्त-ए-पैमाँ' का उपयोग कवि अक्सर विश्वासघात और खोए हुए विश्वास के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह उन छंदों में प्रकट होता है जो टूटे हुए संबंधों के दुःख में गहराई से उतरते हैं। यह वाक्यांश आशा और नवीनीकरण के शब्दों के साथ विपरीत हो सकता है, मानव वादों की नाजुकता को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'शिकस्त-ए-पैमाँ' वादों की नाजुक प्रकृति की एक मार्मिक याद दिलाता है। यह कभी दिए गए विश्वास की मौन प्रतिध्वनियों को समेटे हुए है, जो अब टूट चुका है।