Meaning of

शिकस्त-ओ-मर्ग

shikast-o-marg • شکست و مرگ

हार और मृत्यु; विनाश और अंत

defeat and death; ruin and demise

شکست اور موت; بربادی اور انجام

Persian

यह वाक्यांश अंतिमता और निराशा की भावना को जागृत करता है। अपने मूल अर्थ में, यह पतन के बाद के अनिवार्य अंत की बात करता है। कविता ने इस वाक्यांश को मानव दुःख की गहराइयों और भाग्य की स्वीकृति को खोजने के लिए अपनाया है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग एक नायक के दुखद अंत को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह सपनों के पतन या यात्रा के अनिवार्य निष्कर्ष का प्रतीक हो सकता है। हार और मृत्यु के बीच का विरोधाभास मानव संघर्ष की मार्मिकता को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'शिकस्त-ओ-मर्ग' जीवन की क्षणभंगुरता और मानव सहनशीलता की स्थायी भावना की याद दिलाता है।