Meaning of

शिकस्ता-रूह

shikasta-rooh • شکستہ روح

टूटी आत्मा; बिखरी हुई आत्मा

broken spirit; shattered soul

ٹوٹا ہوا روح; بکھرا ہوا روح

Persian

यह शब्द गहरे आंतरिक उथल-पुथल और भावनात्मक टूटन का आभास देता है। कविता में, यह एक आत्मा की भावना को पकड़ता है जिसने गहन पीड़ा सहन की है, जिससे यह खंडित और थकी हुई हो गई है। यह छवि स्पष्ट है, अक्सर उदासी और आत्मनिरीक्षण की भावना को उजागर करती है।

'शिकस्ता-रूह' का उपयोग कवि अक्सर हानि और दृढ़ता के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह निराशा के माध्यम से एक चरित्र की यात्रा को अंतिम उपचार की ओर इंगित कर सकता है। यह वाक्यांश ताकत या संपूर्णता को दर्शाने वाले शब्दों के विपरीत हो सकता है, टूटन और पुनर्प्राप्ति के बीच तनाव को उजागर करता है।

अपने काव्यात्मक सार में, 'शिकस्ता-रूह' निराशा और आशा के बीच नाजुक नृत्य को समेटे हुए है। यह हमें भंगुरता में सुंदरता की याद दिलाता है।