Meaning of

शिकवा-ए-हिज्राँ

shikwa-e-hijraan • شکوہ ہجران

वियोग की शिकायत; जुदाई का विलाप

complaint of separation; lament of parting

ہجر کی شکایت; جدائی کا نوحہ

Persian

यह वाक्यांश प्रिय से अलगाव के साथ आने वाले दुःख और लालसा को समेटे हुए है। कविता में, यह समय और दूरी की क्रूरता के खिलाफ हृदय की पुकार को पकड़ता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग प्रियजन से अलग होने की गहरी भावनात्मक उथल-पुथल को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर प्रेम, हानि और लालसा के विषयों की खोज करने वाले छंदों में प्रकट होता है।

'शिकवा-ए-हिज्राँ' में, हृदय का विलाप एक आवाज़ पाता है, जो अलगाव के सार्वभौमिक दर्द को प्रतिध्वनित करता है।