Meaning of
शिकवा-ए-कसरत-ए-बेदाद
shikwa-e-kasrat-e-bedaad • شکوہ کثرت بیداد
Hindi
अत्यधिक अन्याय की शिकायत; भारी उत्पीड़न की विलाप
English
complaint of excessive injustice; lament of overwhelming oppression
Urdu
شکوہ کثرت بیداد; زبردست ظلم و ستم کی فریاد
Origin
Persian
Nuance
'शिकवा-ए-कसरत-ए-बेदाद' वाक्यांश अत्यधिक अन्याय के खिलाफ गहरी शिकायत की भावना को व्यक्त करता है। कविता में, यह अक्सर उत्पीड़ितों की सामूहिक पुकार को दर्शाता है, अत्याचार के खिलाफ एक शक्तिशाली विलाप।
Poetic Usage
कवि 'शिकवा-ए-कसरत-ए-बेदाद' का उपयोग उन लोगों के संघर्षों को आवाज देने के लिए करते हैं जो दमनकारी शासन के तहत पीड़ित होते हैं। यह कार्रवाई के लिए एक आह्वान के रूप में भी कार्य कर सकता है, प्रतिरोध और लचीलापन का आग्रह करता है।
Closing Insight
कविता के क्षेत्र में, 'शिकवा-ए-कसरत-ए-बेदाद' उन लोगों की स्थायी भावना का प्रमाण है जो अन्याय के खिलाफ लड़ते हैं।