Meaning of

शोख़ी-ए-बहाराँ

shokhi-e-bahaaraan • شوخی بہاراں

वसंत की चंचलता; वसंत का आकर्षण

playfulness of spring; charm of springtime

بہار کی شوخی; بہار کا دلکشی

Persian

यह वाक्यांश वसंत की जीवंत और मोहक भावना को पकड़ता है। कविता में, यह नवीनीकरण, आशा, और सर्दियों की निष्क्रियता के बाद प्रकृति के आनंदमय जागरण का प्रतीक है।

कवि अक्सर 'शोख़ी-ए-बहाराँ' का उपयोग वसंत की ताजगी और जीवन्तता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह नए आरंभों और जीवन के चक्रीय स्वभाव का रूपक है।

कविता में, 'शोख़ी-ए-बहाराँ' जीवन के सतत नवीनीकरण का प्रतीक बन जाता है।