Meaning of

शोख़ी-ए-तक़दीर

shokhi-e-taqdeer • شوخی تقدیر

भाग्य की चंचलता; किस्मत की शरारत

playfulness of fate; whimsy of destiny

قسمت کی شوخی; تقدیر کی شرارت

Persian

यह वाक्यांश भाग्य की अप्रत्याशित और मनमौजी प्रकृति का संकेत देता है। कविता में, यह अक्सर जीवन में विडंबना और अप्रत्याशित मोड़ों को उजागर करता है, जहाँ किस्मत मानव योजनाओं और इच्छाओं के साथ खेलती हुई प्रतीत होती है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग जीवन की अप्रत्याशितता की विडंबना को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह उन क्षणों को पकड़ता है जब भाग्य मानव इरादों का मजाक उड़ाता हुआ प्रतीत होता है, कथा में गहराई की एक परत जोड़ता है।

कविता में, 'शोख़ी-ए-तक़दीर' हमें किस्मत के चंचल नृत्य की याद दिलाती है, जहाँ निश्चितता मात्र एक भ्रम है।