Meaning of
शो'ला-ए-रुख़
shola-e-rukh • شعلہ رخ
Hindi
चेहरे की ज्वाला; चमकदार मुख
English
flame of the face; radiant visage
Urdu
چہرے کی شعلہ; روشن چہرہ
Origin
Persian
Nuance
'शो'ला-ए-रुख़' शब्द एक ऐसे चेहरे की छवि प्रस्तुत करता है जो इतना चमकदार है कि वह ज्वालाएँ छोड़ता हुआ प्रतीत होता है। कविता में, यह तीव्र सौंदर्य और जुनून का प्रतीक है, जिसका उपयोग अक्सर एक प्रियजन का वर्णन करने के लिए किया जाता है जिसकी उपस्थिति परिवेश को रोशन कर देती है।
Poetic Usage
कवि अक्सर 'शो'ला-ए-रुख़' का उपयोग एक प्रियजन के मोहक आकर्षण को उजागर करने के लिए करते हैं। यह सौंदर्य के लिए एक रूपक के रूप में कार्य करता है जो मंत्रमुग्ध करने वाला और भस्म करने वाला दोनों है।
Closing Insight
'शो'ला-ए-रुख़' में, कविता उस सौंदर्य की अग्निमय सार को पाती है जो मोहित करता है और रूपांतरित करता है।