Meaning of

शूमी-ए-क़िस्मत

shoomi-e-qismat • شومی قسمت

दुर्भाग्य; बुरी किस्मत

misfortune; ill fate

بدقسمتی; بری قسمت

Persian

'शूमी-ए-क़िस्मत' एक ऐसी भावना को जगाता है जो दुर्भाग्य की अनिवार्यता को दर्शाता है, जैसे कि किसी की किस्मत पर एक काली छाया हो। कविता में, यह एक ऐसी किस्मत को दर्शाता है जो अभिशप्त या दुर्भाग्यपूर्ण लगती है, अक्सर गहरी उदासी या अपने भाग्य को स्वीकार करने की भावना को प्रतिबिंबित करता है।

कवि अक्सर 'शूमी-ए-क़िस्मत' का उपयोग भाग्य और निराशा के विषयों की खोज के लिए करते हैं। इसे आशा या सौभाग्य के शब्दों के साथ विपरीत किया जा सकता है, जीवन की अप्रत्याशित प्रकृति को उजागर करते हुए। इस शब्द का उपयोग सहानुभूति या मानव असुरक्षा की साझा भावना को जगाने के लिए भी किया जा सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'शूमी-ए-क़िस्मत' मानव भाग्य की नाजुकता की एक मार्मिक याद दिलाता है। यह हमारे जीवन को आकार देने वाली अदृश्य शक्तियों पर चिंतन करने के लिए आमंत्रित करता है।