Meaning of

शोर-ए-आह-ओ-बुका

shor-e-aah-o-buka • شور آہ و بکا

आहों और विलाप का शोर; दुःख का कोलाहल

clamor of sighs and lamentations; tumult of grief

آہوں اور بکا کا شور; غم کا ہنگامہ

Persian

यह वाक्यांश सामूहिक दुःख की एक शक्तिशाली छवि प्रस्तुत करता है, जहाँ व्यक्तिगत आहें और विलाप एक ही प्रबल शोर में मिल जाते हैं। कविता में, यह गहरे दुःख का सार पकड़ता है जो व्यक्तिगत सीमाओं को पार कर जाता है और एक साझा मानव अनुभव बन जाता है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग गहन शोक के दृश्यों को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह निराशा में डूबे दिल के आंतरिक उथल-पुथल का प्रतीक हो सकता है। यह मौन के विपरीत, भावनाओं के अराजकता को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, शोर-ए-आह-ओ-बुका मानव दुःख की सार्वभौमिकता का प्रमाण बनकर गूंजता है।