Meaning of

सितम-ए-बे-हिसाब

sitam-e-be-hisaab • ستم بے حساب

असीम क्रूरता; बेहिसाब अत्याचार

immeasurable cruelty; boundless oppression

بے پناہ ظلم؛ بے حساب ستم

Persian

यह वाक्यांश एक ऐसी क्रूरता की भावना को जगाता है जो असीमित है और बिना दया के प्रहार करती है। कविता में, यह उस पीड़ा के सार को पकड़ता है जो विशाल और अटल है, एक ऐसी निराशा की तस्वीर पेश करता है जो व्यक्तिगत और सार्वभौमिक दोनों है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग मानव पीड़ा की गहराई को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह उन कठिनाइयों के लिए एक रूपक के रूप में कार्य करता है जो अंतहीन और दुर्गम लगती हैं। यह वाक्यांश राहत या आशा के क्षणों के साथ भी विपरीत हो सकता है, शांति के क्षणिक स्वभाव को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'सितम-ए-बे-हिसाब' मानव भावना की असीम गहराइयों को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण बन जाता है। यह निरंतर परीक्षाओं के बीच स्थायी आत्मा का प्रमाण है।