Meaning of
सितम-ए-बे-हिसाब
sitam-e-be-hisaab • ستم بے حساب
Hindi
असीम क्रूरता; बेहिसाब अत्याचार
English
immeasurable cruelty; boundless oppression
Urdu
بے پناہ ظلم؛ بے حساب ستم
Origin
Persian
Nuance
यह वाक्यांश एक ऐसी क्रूरता की भावना को जगाता है जो असीमित है और बिना दया के प्रहार करती है। कविता में, यह उस पीड़ा के सार को पकड़ता है जो विशाल और अटल है, एक ऐसी निराशा की तस्वीर पेश करता है जो व्यक्तिगत और सार्वभौमिक दोनों है।
Poetic Usage
कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग मानव पीड़ा की गहराई को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह उन कठिनाइयों के लिए एक रूपक के रूप में कार्य करता है जो अंतहीन और दुर्गम लगती हैं। यह वाक्यांश राहत या आशा के क्षणों के साथ भी विपरीत हो सकता है, शांति के क्षणिक स्वभाव को उजागर करता है।
Closing Insight
कविता के क्षेत्र में, 'सितम-ए-बे-हिसाब' मानव भावना की असीम गहराइयों को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण बन जाता है। यह निरंतर परीक्षाओं के बीच स्थायी आत्मा का प्रमाण है।