Meaning of

सितम-हा-ए-फ़रावाँ

sitam-ha-e-faraavan • ستم ہا فراواں

अत्यधिक अत्याचार; अनेक अन्याय

abundant oppressions; numerous injustices

بے شمار ظلم؛ کثیر ناانصافیاں

Persian

यह वाक्यांश अत्यधिक पीड़ा और निरंतर क्रूरता की भावना को जागृत करता है। कविता में, यह बार-बार होने वाले अन्यायों के भार को दर्शाता है जो आत्मा को कुचल देते हैं, गलतियों की एक ऐसी धारा जो अंतहीन प्रतीत होती है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग पीड़ा की निरंतर प्रकृति को उजागर करने के लिए करते हैं। यह सहानुभूति जगाने और ऐसे परीक्षणों को सहने के लिए आवश्यक धैर्य को रेखांकित करने के लिए प्रयुक्त होता है। यह वाक्यांश शांति के क्षणों के साथ विरोधाभास करता है, शांति की दुर्लभता और मूल्य को उजागर करता है।

कविता में, 'सितम-हा-ए-फ़रावाँ' मानव सहनशीलता और अंततः शांति की आशा की याद दिलाता है।